वृश्चिक राशि: लक्षण, शासक, मंत्र, ताकत और कमजोरी

वृश्चिक (Vrishika) राशि का परिचय
वृश्चिक राशि का संबंध 'जल' तत्व से है। चूंकि यह एक 'स्थिर' राशि है, इसलिए जब वे किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति गहरा लगाव विकसित कर लेते हैं, तो उनके बदलने की संभावना बहुत कम होती है। वृश्चिक राशि का लिंग 'स्त्री' है। यह जलीय राशि 'तामस गुण' और 'पित्त प्रकृति' को धारण करती है। वृश्चिक राशि के जातकों के पैर 'कीट-सदृश' (इंसैक्ट की तरह) होते हैं और उनके शरीर आमतौर पर छरहरे और रोमयुक्त (बालों वाले) होते हैं।
वृश्चिक राशि के शासक और देवता
मंगल द्वारा शासित जल राशि वृश्चिक, इस ग्रह के अधिक चतुर और गणनात्मक (Calculating) पहलू का प्रतिनिधित्व करती है। अपने पौराणिक स्वामी की तरह, वृश्चिक शक्तिशाली और चालाक है, और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने व अपने प्रतिद्वंद्वियों को परास्त करने के लिए प्रेरित रहती है।
वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है। भगवान हनुमान, रुद्र, कार्तिकेय (सुब्रमण्यम), नरसिंह और गणेश जी की पूजा की जानी चाहिए।
वृश्चिक को 'बिच्छू' (Scorpion) द्वारा दर्शाया जाता है। बिच्छू की छाया में छिपकर देखने और खतरा महसूस होने पर डंक मारने के लिए तैयार रहने की क्षमता वृश्चिक के स्वभाव को दर्शाती है।
व्यक्तित्व के प्रमुख गुण
1. परिवर्तनकारी (Transformer):
वृश्चिक राशि का मुख्य आधार 'परिवर्तन' है—चाहे वह शरीर हो, मन हो या रिश्ते। वे सतही बदलाव के बजाय भीतर से मौलिक बदलाव चाहते हैं। जीवन के आंतरिक, अंतरंग और दार्शनिक पक्ष को स्वीकार करके वे जीवन का वास्तविक अर्थ अनलॉक करते हैं।
2. दृढ़निश्चयी (Persistent):
वे अथक और गंभीर होते हैं। यदि वृश्चिक को कोई सार्थक लक्ष्य मिल जाए, तो उन्हें दुनिया बदलने से कोई नहीं रोक सकता। आत्म-संदेह या आत्मविश्वास की कमी उनमें नहीं होती। वे जानते हैं कि उन्हें क्या चाहिए और वे उसे पाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।
3. रणनीतिकार (Strategic):
वृश्चिक राशि वाले दैनिक जीवन को एक 'मिशन' की तरह लेते हैं। वे बहुत केंद्रित (Focused) होते हैं और जो वे चाहते हैं उसे पाने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना जानते हैं। वे अपने लक्ष्यों को किसी के सामने उजागर नहीं करते, जिससे उनका व्यक्तित्व रहस्यमयी बना रहता है।
वृश्चिक राशि की नकारात्मकताएं (Shadow Qualities)
वृश्चिक अक्सर अपनी संवेदनशीलता (Vulnerability) को छुपाने के लिए कठोर व्यवहार करते हैं। वे इस तथ्य को नकारते हैं कि उनकी भावनाएं उनके जीवन को नियंत्रित करती हैं। रिश्तों में वे बहुत अधिक 'पजेसिव' (कब्जे वाली भावना) और शकी हो सकते हैं। उनके भीतर की असुरक्षा कभी-कभी उनके अत्यधिक नियंत्रण और प्रभुत्व की इच्छा के रूप में बाहर आती है।


