राहु का मीन में गोचर: आपके जीवन पर क्या होगा इसका असर?

यदि गोचर की बात करें तो शनि ग्रह का गोचर सबसे मंद माना गया है उसके बाद राहु को ही सबसे मंद माना गया है जो कि हमेशा वक्री चाल चलता है और लगभग डेढ़ वर्ष में अपनी राशि परिवर्तन करता है। वर्ष 2023 में 30 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर राहु अपनी वक्री चाल चलते हुए मेष राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
राहु का मीन राशि में गोचर करने से इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा। आज इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि आपकी राशि पर इस गोचर का क्या प्रभाव पड़ेगा। आईये जानते हैं कि आपकी चंद्र राशि के आधार पर राहु का मीन राशि में गोचर होने पर क्या प्रभाव पड़ता है तथा कौन-से उपाय करने लाभकारी हो सकते हैं।
राह- केतु गोचर के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमारा ब्लॉग पढ़ें।
मेष राशि पर प्रभाव a
मेष राशि के प्रथम भाव में गोचर करते हुए द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। द्वादश भाव में राहु का प्रवेश मेष राशि के जातको के लिए विदेश यात्रा के योग बनाएंगे। मेष राशि में राहु की उपस्थिति आपकी बुद्धि को सुस्त कर सकता है, जिसके कारण आपके कार्य प्रभावित होगी। ऐसे मित्र जिनको आप अच्छा समझते हैं, वो मित्र भी आपको धोखा दे सकते हैं, अतः उनसे थोड़ा सावधान रहने की कोशिश करें।
किसी भी व्यक्ति के साथ बहस में न पड़े, नहीं तो आपको बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धार्मिक कार्यो में आपकी रूचि बढ़ेगी। आपके खर्च में तो वृद्धि होगी किन्तु इसके साथ ही आपको कोई बड़ी उपलब्धि भी प्राप्त होगी।
उपाय: यदि आप इस गोचर के दौरान यदि आप अपने जीवन में सुधार करना चाहते हैं तो शनिवार के दिन काले तिल का दान करें।
वृषभ राशि पर प्रभाव b
राहु वृषभ राशि के द्वादश भाव में उपस्थित होकर एकादश भाव में गोचर करेंगे। एकादश भाव में गोचर करने का परिणाम अत्यंत शुभ सिद्ध होगा। इस अवधि में आपकी इच्छा पूरी होगी, आपके मन में जो भी इच्छा दबी हुई होगी उसके बाहर आने का समय यही होगा। आपकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहेगी।
कानूनी कार्यो से आपको थोड़ा बच कर रहने की आवश्यकता है अन्यथा आप कानूनी रूप से दंडित भी हो सकते हैं। आपको अपनी सेहत के प्रति थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है, अन्यथा आपको शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: यदि आप राहु ग्रह की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको राहु के मंत्र 'ॐ शिरोरूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो राहु: प्रचोदयात॥' का जाप करना चाहिए।
मिथुन राशि पर प्रभावc
मिथुन राशि के एकादश भाव में गोचर करते हुए, राहु आपके दशम भाव में प्रवेश करेंगे। आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी तथा समाज में आपको अच्छा स्थान प्राप्त होगा। आपके कार्यक्षेत्र में कुछ बदलाव होने की संभावना है। छात्र यदि लंबे समय से अपनी सफलता के लिए प्रयास कर रहे हैं तो इस अवधि में उनकी कड़ी मेहनत रंग लाएगी।
पारिवारिक जीवन में आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यदि आप अपने पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो आपको उनके साथ समय व्यतीत करना होगा।
उपाय: अपने जीवन में शुभ समय बननाए रखने के लिए बुधवार के दिन गौ माता को हरी घास या मूंग दाल खिलाएं।
कर्क राशि पर प्रभाव d
कर्क राशि के दशम भाव से गोचर करते हुए नवम भाव में आकर आपके भाग्य को प्रभावित करेंगे। इस गोचर अवधि में आपकी मेहनत रंग लाएगी। आप जो भी कार्य करेंगे उसके लिए आपको कार्य अनुसार अच्छे परिणाम भी प्राप्त होंगे।
विदेश जाने की संभावना हो सकती है। आप धार्मिक यात्रा तथा गंगा स्नान के लिए भी जा सकते है। पारिवारिक संबंधों पर ध्यान दें, अन्यथा आपका आपके पिता के साथ संबंध बिगड़ सकता है।
उपाय: यदि आप अपने जीवन में राहु के दुष्प्रभाव से बचना चाहते हैं तो आप अपने गली के कुत्तों को दूध तथा बिस्कुट खिलाएं।
सिंह राशि पर प्रभाव e
सिंह राशि के जातकों के लिए राहु नवम भाव में स्थित रहेंगे तथा अष्टम भाव में राहु गोचर करेंगे। इस अवधि में आपको अपने पिता की सेहत का ध्यान रखना चाहिए। यदि आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको कड़ी मेहनत करनी होगी, भाग्य के भरोसे बैठना आपके लिए उचित नहीं होगा।
किसी भी क्षेत्र में पैसे निवेश करने से पूर्व अच्छे से विचार कर लें, किसी भी बातों में आकर पैसे उधार न दें।
उपाय: यदि आप अपने जीवन में कठिन दौर का निवारण करना चाहते हैं तो आप भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
कन्या राशि पर प्रभाव f
कन्या राशि के लिए राहु अष्टम भाव में स्थित रहेंगे तथा सप्तम भाव में गोचर करेंगे। इस गोचर अवधि में आपको अचानक कोई लाभ तथा हानि दोनों का समाचार मिल सकता है। विवाहित लोगों के लिए ये समय अच्छा सिद्ध हो सकता है। इस अवधि के दौरान आप किसी सट्टेबाजी या किसी नए जगह पर पैसे निवेश न करें अन्यथा आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है।
अपनी सेहत को लेकर थोड़ा सावधान रहें, यदि समय पर सावधानी नहीं बरतेंगे तो आपको कोई बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: यदि आप अपने जीवन के कष्टों का निवारण चाहते हैं तो आप बुध मंत्र 'ॐ प्रियङ्गुलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्। सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्।।' का जाप करें।
तुला राशि पर प्रभाव g
तुला राशि के सप्तम भाव में स्थित होंगे तथा षष्टम भाव में गोचर करेंगे। इस गोचर का प्रभाव आपके वैवाहिक तथा व्यावसायिक क्षेत्र में देखा जा सकता है। राहु का ये गोचर आपके वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव लेकर आएगा। अपने आर्थिक क्षेत्र के निर्णय आप सोच-समझकर लें अन्यथा आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है।
यदि आप अपने वैवाहिक संबंध को सुधारना चाहते हैं तो आप अपने जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत करें, उनके साथ किसी भी प्रकार का बहस न करें। नौकरी से जुड़े लोगों के लिए ये समय शुभ सिद्ध होगा।
उपाय: शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से आपको लाभ प्राप्त होगा।
वृश्चिक राशि पर प्रभाव h
वृश्चिक राशि के षष्टम भाव में राहु स्थित होकर पंचम भाव में गोचर करेंगे। ये अवधि आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगी। आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, किसी प्रकार का कोई आर्थिक संकट आप पर नहीं आएगा। आपका रोजगार भी सुचारु रूप से चलेगा। विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं, आपको इस यात्रा से भी लाभ प्राप्त होगा।
जिन लोगों की संतान हैं उन्हें थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि आपके संतान की संगति बिगड़ सकती है। छात्रों को अपने जीवन में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है किन्तु अपने परिश्रम से वो किसी भी परिस्थिति से लड़ सकते हैं।
उपाय: यदि आप अपने जीवन में शांति बनाये रखना चाहते हैं तो प्रतिदिन दुर्गा चालीसा का पाठ करें। इससे आपके जीवन के संकट दूर होंगे
धनु राशि पर प्रभाव i
धनु राशि में राहु पंचम भाव में स्थित होकर चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। पंचम भाव बुद्धि-विवेका का भाव है तथा इसमें राहु की उपस्थिति के कारण आपकी कल्पना शक्ति थोड़ी बढ़ेगी। अपने मन के भाव को व्यक्त करने के लिए ये अवधि सही सिद्ध होगी। यदि आपके मन में किसी के प्रति प्रेम है तो आप इस अवधि के दौरान अपने मन की भावना व्यक्त कर सकते हैं। वैवाहिक जीवन सुखमय होगा।
छात्रों के लिए ये थोड़ा कठिन समय सिद्ध होने वाला होगा किन्तु आप अपनी हिम्मत न छोड़े क्योंकि आपको भी अच्छे परिणाम अवश्य प्राप्त होंगे।
उपाय: यदि आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके घर आने वाले पक्षियों को थोड़ा-थोड़ा दाना डालें तथा उनके लिए पानी भी रखें।
मकर राशि पर प्रभाव j
मकर राशि में राहु चतुर्थ भाव में स्थित होकर तृतीय भाव में गोचर करेंगे। ये अवधि आपके पारिवारिक जीवन के लिए थोड़ा कठिन सिद्ध होगा आपको अपने परिवार के लोगों के साथ सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करना होगा। उनके साथ किसी भी प्रकार का बहस आपके संबंध को और खराब कर सकता है।
हालाँकि ये गोचर कार्यक्षेत्र में आपके लिए सफलता लेकर आएगा। आपके द्वारा किये गए कार्य सफल होंगे।
उपाय: रविवार के दिन सूर्य देव को प्रातःकाल जल अर्पित करें।
कुंभ राशि पर प्रभाव k
कुंभ राशि के लिए राहु तृतीय भाव स्थित रहेंगे तथा द्वितीय भाव में गोचर करेंगे। इस गोचर अवधि में आप अधिक साहसी होंगे, किसी भी परिस्थिति से लड़ने की क्षमता आप में उपस्थित होगी। आपको आपके भाई-बहनों से सहयोग प्राप्त होगा। पारिवारिक जीवन सुखमय होगा।
रोजगार के क्षेत्र में थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता होगी क्योंकि आपके सहकर्मी आपको धोखा दे सकते हैं। आर्थिक मजबूती तो प्राप्त होगी किन्तु अधिक पैसा कमाने के लिए आप किसी प्रकार की लालच में न पड़ें। कुछ समय के लिए आपको संघर्ष करना पड़ सकता है, उस समय में थोड़ा धैर्य बनाकर रखें।
उपाय: अपने जीवन को सुखमय बनाये रखने के लिए आदित्य हृदय स्रोत का पाठ करें।
मीन राशि पर प्रभाव l
मीन राशि के जातकों के लिए राहु द्वितीय भाव में स्थिति होकर अपनी ही राशि अर्थात प्रथम भाव में गोचर करेंगे। इस अवधि के दौरान आपको धन लाभ तो होगा किन्तु आप अपने परिवार से थोड़े दूर हो जायेंगे। अपनी सेहत के प्रति थोड़ा सतर्क रहें तथा भोजन नियंत्रित तरीके से करें नहीं तो आपको पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है।
उपाय: अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए मंगलवार के दिन का व्रत रखें तथा भगवान हनुमान की पूजा करें।
Share article:
और देखें
राम नवमी
राम नवमी 2024 : जानिए राम नवमी का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Astrology
आपके भाग्य को मोड़ने वाले ग्रह कौन हैं? वैदिक ज्योतिष का रहस्य—'योगकारक' सिद्धांत
वैदिक ज्योतिष
जानिए, क्या है केमद्रुम योग? इसके प्रभाव और शांति उपाय
वैदिक ज्योतिष
Guru Vakri 2023:मेष राशि में बृहस्पति के वक्री होने का सभी राशियों पर प्रभाव
वैदिक ज्योतिष
क्या आप जानते हैं कि आपकी कुंडली के ग्रह कैसे आपके विवाह व जीवनसाथी को प्रभावित करते हैं ?
24 घंटे के अंदर पाएं अपना विस्तृत जन्म-कुंडली फल उपाय सहित
आनेवाला वर्ष आपके लिए कैसा होगा जानें वर्षफल रिपोर्ट से
वैदिक ऋषि के प्रधान अनुभवी ज्योतिषी से जानें अपने प्रश्नों के उत्तर
विशेष लेख
वैदिक ज्योतिष
वैदिक ज्योतिष
वैदिक ज्योतिष

