माला का सही चयन: विभिन्न मालाओं के उपयोग के लाभ

मंत्रों जाप को बहुत शक्तिशाली माना जाता है। प्रभु की आराधना का सबसे सरल और प्रभावशाली तरीका है मालाओं द्वारा मंत्रों का जाप करना। मंत्रों में इतनी शक्ति होती है कि इसके उच्चारण मात्र से आपका दुर्भाग्य, सौभाग्य में बदल सकता है।
आपके आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। किन्तु किसी भी मंत्र जाप का फल तभी प्राप्त होता है जब नियम अनुसार उनका जाप होता है। मंत्र उच्चारण करते हुए कुछ सावधानियां अवश्य रखनी चाहिए अन्यथा उसका परिणाम विपरीत भी हो सकता है। मंत्र जाप एक प्राचीन धार्मिक प्रक्रिया है जो अनुशासन, ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रयुक्त होती है।
इसमें विविध देवी-देवताओं की स्तुति, शक्ति प्राप्ति और अंतरात्मा के विकास के लिए मंत्र का जाप भी किया जाता है। मालाओं की मदद से जातक अलग-अलग मंत्रों का जाप करते हैं तथा उन्हें आध्यात्मिक मार्ग से जुड़े रहने में भी मदद मिलती है।
आज इस ब्लॉग में विभिन्न मालाओं तथा उसके मंत्रों और कुछ विधियों के विषय में जानेंगे।
रुद्राक्ष माला
रुद्राक्ष माला एक पवित्र माला होती है जो रुद्राक्ष बिज से बनी होती है। इस माला का उपयोग महामृत्युंजय मंत्र, ॐ नमः शिवाय और गायत्री मंत्र के जाप में सबसे अधिक किया जाता है। रुद्राक्ष माला से ध्यान करने से जातक को भगवान शिव के प्रति जुड़ाव महसूस होता है।
मंत्र: रुद्राक्ष माला का प्रमुख मंत्र है 'ॐ नमः शिवाय'और 'महामृत्युंजय मंत्र'।
स्फटिक माला
स्फटिक माला एक शुद्ध और पवित्र रत्न की बनी होती है। इस माला के जाप से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है तथा आपके घर में आर्थिक संपन्नता बनी रहती है। ये माला जातक को शांति, शक्ति और पवित्रता का अनुभव कराती है। सभी आर्थिक संकट भी दूर होते हैं।
मंत्र: स्फटिक माला से निम्न मंत्रों का जाप करना चाहिए 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाय विच्चे', 'ॐ सरस्वत्यै नमः', तथा 'गायत्री मंत्र' का जाप भी इस माला से करना लाभकारी होता है।
मोती माला
मोती अपने सफेद रंग के कारण चंद्रमा का प्रतीक मानी जाती है। सफेद रंग जातक को मन की शांति प्रदान करता है। मोती के माला के जाप से आपको चंद्र ग्रह के शुभ फल प्राप्त होंगे। चंद्र मंत्र या चंद्र स्तोत्र के जाप के लिए ये माला उपयुक्त होती है। इस माला के ध्यान से साधक को चंद्र ग्रह की शक्ति का अनुभव होता है।
मंत्र: मोती माला के लिए प्रमुख मंत्र है 'ओम श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः' । ये चंद्र ग्रह के शुभ फल के लिए जाते हैं।
पन्ना माला
पन्ना माला बुध ग्रह के शांति और बाल के लिए उपयोगी होती है। बुध गृह के दोष निवारण के लिए इस माला का जाप किया जाता है। इस माला से मंत्रों का जाप करने से आपको बुध गृह की शक्ति का अनुभव होगा।
मंत्र: 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः।' इस मंत्र का जाप बुध ग्रह की शांति तथा उनसे बल प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
माणिक्य माला
माणिक्य माला से मंत्रों का जाप सूर्य ग्रह को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। सूर्य मंत्र और आदित्य हृदय स्रोत के जाप के लिए ये माला उपयुक्त होती है। इस माला का ध्यान साधक को सूर्य ग्रह के शुभ प्रभाव का अनुभव करवाता है। सूर्य की कृपा से जीवन में ऊर्जा का संचार भी होता रहता है।
मंत्र: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः'। इस मंत्र के जाप से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।
गोमती माला
गोमती चक्र माला से लक्ष्मी पूजन किया जाता है। इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है, जिससे आपको धन प्राप्ति और व्यापार वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होगा। इस माला से मंत्रों का जाप तथा ध्यान साधक को ये अनुभव करवाता है कि माता लक्ष्मी की कृपा उनपर बनी हुई है।
मंत्र: 'ओम ह्रीं नमः' । ये मंत्र लक्ष्मी पूजन, धन प्राप्ति और व्यापार वृद्धि के लिए किये जाते हैं।
तुलसी माला
तुलसी माला भगवान विष्णु को अति प्रिय है। जो भी साधक भगवान विष्णु की हृदय से आराधना करता है, वो तुलसी को आवश्यक सामग्री के रूप में अर्पित करते हैं। तुलसी की माला, तुलसी के बीज से वर्णित की जाती है।
जो साधक इस माला को धारण करता है तथा इस माला से जाप करता है उसे अवश्य ही इसके सकारात्मक लाभ की प्राप्ति होती है। तुलसी माला को धारण करने से घर में शांति बनी रहती है, विचार शुद्ध होते हैं तथा पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है।
मंत्र: 'ॐ हनुमंते नमः' इस मंत्र का जाप करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
कमल गट्टे की माला
कमल गट्टे की माला जीवन की अनेक समस्याओं को दूर करने में सहायक सिद्ध होती है। कमल गट्टे की माला धारण करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा ईश्वर की कृपा सदैव बनी रहती है। इस माला से जो भी साधक जाप करता है उसे अवश्य की लाभ प्राप्त होता है।
मंत्र: 'ॐ कालिके नमः।' 'ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं कालिके स्वाहा।' इस मंत्र का जाप करने से आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाएगी।
माला से जाप करते समय रखें इन बातों का ध्यान:
- किसी भी माला में मनकों की संख्या कम से कम 27 या 108 होनी चाहिए।
- माला में प्रत्येक मनके के बाद एक गाँठ जरूर होनी चाहिए।
- जब आप मंत्र का जाप करते हैं उस समय तर्जनी अंगुली से आपके माला का स्पर्श नहीं होना चाहिए।
- मंत्र जप के दौरान माला को किसी वस्त्र से ढक लें। खुली माला से कभी जाप न करें।
- सदैव अपनी ही माला से मंत्रों का जाप करें, कभी किसी दूसरे की माला न लें। अगर उस व्यक्ति के भी वही वाला है फिर भी आप अपनी माला से ही मंत्र जाप करें।
- जिस माला से आप मंत्रों का जाप करते हैं , उस माला को कभी भी धारण न करें।
एक ही माला से सभी प्रकार के मंत्रों जाप न करें
प्रत्येक माला का अपना महत्व है और उसी उसी अनुसार प्रयोग में लाना चाहिए। मंत्र उच्चारण से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसी स्थिति में यदि सही नियमों तथा सही माला का उपयोग न करें तो उसका दुष्प्रभाव भी प्राप्त हो सकता है।
सके साथ की वातावरण ने नकारात्मक ऊर्जा का संचारण हो सकता है। प्रत्येक माला किसी न किसी ग्रह से जुड़ा हुआ होता है तो उस ग्रह की ऊर्जा की अनुकूलता को बनाये रखने के लिए उसी माला से संबंधित मंत्रों का जाप करना चाहिए।
इसके साथ ही सभी माला का अपना एक धार्मिक महत्व भी है जो उसे नियम अनुसार पूजा करने से तथा मंत्रों के उच्चारण से पूर्ण होता है। यदि आप अपने जीवन में सभी ग्रहों की स्थिति को अनकूल बनाये रखना चाहते हैं तो, आपको उसी ग्रह से संबंधित माला से उन्हीं मंत्रों का जाप करना होगा।
अतः, हर रत्न की अपनी माला होती है और उस माला का प्रयोग उस रत्न के ग्रह के मंत्र के लिए ही जाना चाहिए।
निष्कर्ष #
यदि आप भी माला धारण करना चाहते हैं तो हमारे यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही यदि आप ज्योतिष से परामर्श चाहते हैं कि आपके लिए कौन-से रत्न की माला उचित रहेगी तो आप हमारे वेबसाइट के माध्यम से यहाँ के विशेषज्ञ ज्योतिष से परामर्श कर सकते हैं।
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गणेश चतुर्थी
वैदिक ज्योतिष
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