पद्मासनः पद्मकरो द्विबाहुः पद्मद्युतिः सप्ततुरंगवाहनः । दिवाकरो लोकगुरुः किरीटी मयि प्रसादं विदधातु देवः ।।

सूर्य मंत्र इसके लिए: अच्छा स्वास्थ्य।
जप की संख्या और आवृत्ति: प्रतिदिन 1 माला। सूर्य यंत्र के सामने मंत्र का जाप करें। सुबह नित्यकर्म से निवृत्त होकर मंत्र का जाप करें।