पीताम्बरः पीतवपुः किरीटी चतुर्भुजो देवगुरुः प्रशानतः । गजाधिरुढो जलजातहस्तो मेधानिधः स्याद् वरदस्तु मह्यम् ।।

गुरु मंत्र इसके लिए: शक्ति और अधिकार।
जाप की संख्या और आवृत्ति: प्रतिदिन 1 माला। गुरु यंत्र के सामने मंत्र का जाप करें। सुबह दैनिक दिनचर्या से निवृत्त होकर मंत्र का जाप करें।