नीलाम्बरो नीलवपुः किरीटी करवालवक्तः करवालशूली । चतुर्भुजश्चर्मधरश्च राहुः सिंहाधिरुढो वरदोऽस्तु मह्यम् ।।

राहु मंत्र इसके लिए: विदेश से लाभ प्राप्त करने के लिए।
जाप की संख्या और आवृत्ति: प्रतिदिन 1 माला। राहु यंत्र के सामने मंत्र का जाप करें। सुबह नित्यकर्म से निवृत्त होकर मंत्र का जाप करें।