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राहु

नीलाम्बरो नीलवपुः किरीटी करवालवक्तः करवालशूली । चतुर्भुजश्चर्मधरश्च राहुः सिंहाधिरुढो वरदोऽस्तु मह्यम् ।।

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राहु

राहु मंत्र इसके लिए: विदेश से लाभ प्राप्त करने के लिए।

जाप की संख्या और आवृत्ति: प्रतिदिन 1 माला। राहु यंत्र के सामने मंत्र का जाप करें। सुबह नित्यकर्म से निवृत्त होकर मंत्र का जाप करें।

राहु ध्यान मंत्र

नीलाम्बरो नीलवपुः किरीटी करवालवक्तः करवालशूली । चतुर्भुजश्चर्मधरश्च राहुः सिंहाधिरुढो वरदोऽस्तु मह्यम् ।।

राहु गायत्री मंत्र

ॐ नीलवर्णाय विद्महे सैंहिकेयाय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात् ।

राहु पुराणोक्त जप मंत्र

ॐ महाशिरा महावक्त्रो दीर्घदंष्ट्रो महाबलः । अतनुश्चोर्ध्वकेशश्च पीडां हरतु मे तमः ।।

वेद व्यास कृत राहु मंत्र

अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम् । सिंहिकागर्भसम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम् ।।

तंत्रोक्त राहु मंत्र

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः । ह्रीं राहवे नमः । रां राहवे नमः ।