नवग्रह के बारे में जानें

शनि

नीलाम्बरः शूलधरः किरीटी गृध्रस्थितस्त्रासकरः सशस्त्रः । चतुर्भुजो सूर्यसुतः प्रशान्तः सदास्तु मह्यं वरदोल्पगामी ।।

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शनि

शनि मंत्र इसके लिए: विदेश से लाभ प्राप्त करने के लिए।

जाप की संख्या और आवृत्ति: प्रतिदिन 1 माला। शनि यंत्र के सामने मंत्र का जाप करें। सुबह नित्यकर्म से निवृत्त होकर मंत्र का जाप करें।

शनि ध्यान मंत्र

नीलाम्बरः शूलधरः किरीटी गृध्रस्थितस्त्रासकरः सशस्त्रः । चतुर्भुजो सूर्यसुतः प्रशान्तः सदास्तु मह्यं वरदोल्पगामी ।।

शनि गायत्री मंत्र

ॐ कृष्णांगाय विद्महे रविपुत्राय धीमहि तन्नः सौरिः प्रचोदयात् ।

शनि पुराणोक्त जप मंत्र

ॐ सूर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्षः शिवप्रियः । मन्दचारः प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनिः ।।

वेद व्यास कृत शनि मंत्र

नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम् । छायामार्त्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम् ।।

तंत्रोक्त शनि मंत्र

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः । ह्रीं शनये नमः । शं शनैश्चराय नमः ।