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“मंगल विश्लेषण ने विवाह से पहले मेरे परिवार को मन की शांति दी।”
“समय-काल अद्भुत रूप से सटीक था - ठीक उसी वर्ष मेरी सगाई हुई।”
“स्पष्ट, सौम्य और विस्तृत। जो स्पष्टता मिली वह अमूल्य है।”
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हम सप्तम भाव, उसके स्वामी, शुक्र व विंशोत्तरी दशा पढ़कर देखते हैं कि साझेदारी कब सर्वाधिक सक्रिय है।
यह विवाह से जुड़े भावों पर मंगल का प्रभाव है। हम इसे लग्न, चंद्र व शुक्र से जाँचते हैं और तीव्रता बताते हैं।
हाँ - जन्म समय लग्न व सप्तम भाव तय करता है, इसलिए जितना सटीक, पठन उतना सटीक।
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