वैदिक ज्योतिष एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है, जो समय के संदर्भ में ग्रहों की चाल और स्थिति तथा पृथ्वी पर मनुष्यों और अन्य सभी जीवों पर उनके प्रभाव को समझाता है।
ज्योतिष हमारे जीवन और सभी चीजों पर ग्रहों की चाल के प्रभाव का विज्ञान है। ज्योतिष खगोल विज्ञान पर आधारित है, क्योंकि ज्योतिषियों को किसी भी निश्चित समय पर ग्रहों की सही स्थिति के साथ-साथ पृथ्वी के किसी भी स्थान के संदर्भ में राशियों और स्थिर तारों की सही स्थिति जानने की आवश्यकता होती है।वैदिक ऋषि एक मुफ़्त ज्योतिष पोर्टल प्रदान करता है जहाँ आप असीमित कुंडलियाँ बना सकते हैं। सब कुछ बिल्कुल मुफ़्त है!
ज्योतिष मानता है कि मानव न केवल आनुवंशिक कारकों और पर्यावरण से प्रभावित होता है, बल्कि जन्म के समय हमारे सौर मंडल की स्थिति से भी प्रभावित होता है। ग्रहों को बुनियादी जीवन-शक्ति, हमारे जीने के साधन और हमारे अस्तित्व का मूल आधार माना जाता है। ये ग्रहीय शक्तियाँ अपनी राशिगत स्थिति और एक-दूसरे से संबंधों के आधार पर अलग-अलग रूप ले लेती हैं। ग्रहों के बीच बनने वाली दृष्टियाँ इन संबंधों को दर्शाती हैं, और जन्म स्थान के संदर्भ में ग्रहों की स्थितियाँ हमें ज्योतिषीय भावों (घरों) द्वारा दर्शाए गए जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनके प्रभाव को बताती हैं। इन प्रमुख कारकों (ग्रहों) की भूमिका और उनके गुणों (तत्वों, राशियों और भावों) का विश्लेषण करके और उनका समन्वय करके, ज्योतिष जन्म राशिफल के आधार पर व्यक्ति और उसकी क्षमताओं की एक संपूर्ण और स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करने में सक्षम है।
ज्योतिष निस्संदेह मूल विज्ञान है, जो मानव द्वारा विकसित ज्ञान प्रणालियों में सबसे प्राचीन है। यह भाग्य/किस्मत का वह विज्ञान है जिसका उपयोग पृथ्वी पर होने वाली घटनाओं को समझने के लिए किया जाता है।
ज्योतिष न केवल भौतिक ब्रह्मांड की प्रकृति से जुड़े बाहरी विज्ञानों में सबसे प्रमुख है, बल्कि यह मन और आत्मा से जुड़े आंतरिक या आध्यात्मिक विज्ञानों में भी सबसे महत्वपूर्ण है।
वैदिक ज्योतिष की शाखाएँवैदिक ज्योतिष (ज्योतिष) की तीन मुख्य शाखाएँ हैं:

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