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चंद्र

श्वेताम्बरः श्वेतविभूषणश्च श्वेतद्युतिर्दण्डधरो द्विबाहुः । चन्द्रोऽमृतात्मा वरदः किरीटी मयि प्रसादं विदधातु देवः ।।

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चंद्र

चंद्र मंत्र इसके लिए: ज्ञान की प्राप्ति।

जप की संख्या और आवृत्ति: प्रतिदिन 1 माला। चंद्र यंत्र के सामने मंत्र का जाप करें। सुबह नित्यकर्म से निवृत्त होकर मंत्र का जाप करें।

चंद्र ध्यान मंत्र

श्वेताम्बरः श्वेतविभूषणश्च श्वेतद्युतिर्दण्डधरो द्विबाहुः । चन्द्रोऽमृतात्मा वरदः किरीटी मयि प्रसादं विदधातु देवः ।।

चंद्र गायत्री मंत्र

ॐ अत्रिपुत्राय विद्ममहे सागरोद्भवाय धीमहि तन्नश्चन्द्रः प्रचोदयात् ।

चंद्र पुराणोक्त जप मंत्र

ॐ रोहिणीशः सिधामूर्तिः सुधागात्रः सुधाशनः । निषमस्थानसम्भूतां पीड़ा हरतु मे विधुः ।।

वेद व्यास कृत चंद्र मंत्र

दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम् । नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम ।।

तंत्रोक्त चंद्र मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः । ऐं क्लीं सोमाय नमः । सों सोमाय नमः ।