নবগ্রহ সম্পর্কে জানুন

সূর্য

पद्मासनः पद्मकरो द्विबाहुः पद्मद्युतिः सप्ततुरंगवाहनः । दिवाकरो लोकगुरुः किरीटी मयि प्रसादं विदधातु देवः ।।

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সূর্য

সূর্য মন্ত্র যার জন্য: ভালো স্বাস্থ্য।

জপের সংখ্যা ও নিয়ম: প্রতিদিন 1 মালা। সূর্য যন্ত্রের সামনে মন্ত্র জপ করুন। প্রাত্যহিক কাজকর্ম সেরে সকালে মন্ত্র জপ করতে হবে।

সূর্য ধ্যান মন্ত্র (सूर्य ध्यान मन्त्र)

पद्मासनः पद्मकरो द्विबाहुः पद्मद्युतिः सप्ततुरंगवाहनः । दिवाकरो लोकगुरुः किरीटी मयि प्रसादं विदधातु देवः ।।

সূর্য গায়ত্রী মন্ত্র (सूर्य गायत्री मन्त्र)

ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ।

সূর্য পুরাণোক্ত জপ মন্ত্র (सूर्य पुराणोक्त जप मन्त्र )

ॐ ग्रहाणामादिरादित्यो लोकरक्षणकारकः । विषमस्थानसम्भूतां पीड़ा हरतु मे रविः ।।

বেদব্যাস কৃত সূর্য মন্ত্র (वेद व्यास कृत सूर्य मन्त्र)

जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् । तमोऽरिंम सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ।।

তন্ত্রোক্ত সূর্য মন্ত্র (तंत्रोक्त सूर्य मन्त्र)

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ।