নবগ্রহ সম্পর্কে জানুন

কেতু

धूम्रो द्विवाहुर्वरदः सकेतुः मीनासनस्थः करवालपाणिः। किरीटकेयूरविभूषितो यः सदास्तु मे केतुगणः प्रशान्तः ।।

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কেতু

কেতু মন্ত্র যার জন্য: সাফল্য।

জপের সংখ্যা ও নিয়ম: প্রতিদিন 1 মালা। কেতু যন্ত্রের সামনে মন্ত্র জপ করুন। প্রতিদিনের কাজকর্ম সেরে ফ্রেশ হয়ে সকালে মন্ত্র পাঠ করতে হবে।

কেতু ধ্যান মন্ত্র (केतु ध्यान मन्त्र)

धूम्रो द्विवाहुर्वरदः सकेतुः मीनासनस्थः करवालपाणिः। किरीटकेयूरविभूषितो यः सदास्तु मे केतुगणः प्रशान्तः ।।

কেতু গায়ত্রী মন্ত্র (केतु गायत्री मन्त्र)

ॐ धूम्रवर्णाय विद्महे कपोतवाहनाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात् ।

কেতু পুরাণোক্ত জপ মন্ত্র (केतु पुराणोक्त जप मन्त्र)

ॐ अनेकरुपवर्णैश्च शतशोऽथ सहस्रशः । उत्पातरुपो जगतां पीडां हरतु मे शिखी ।।

বেদব্যাস কৃত কেতু মন্ত্র (वेद व्यास कृत केतु मन्त्र)

पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम् । रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम् ।।

তন্ত্রোক্ত কেতু মন্ত্র (तंत्रोक्त केतु मन्त्र)

ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः । ह्रीं केतवे नमः । कें केतवे नमः ।